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स्वास्थ  शिक्षा क्या  है  एवं  स्वास्थ  शिक्षा  का  क्या  महत्ब  है

swasth siksha kya hai

 आज  के  जीवन शैली  में  लोग  अपने  स्वास्थ  के  प्रति  सचेत  नहीं  रहने  के  कारण  वे  तरह -तरह  के बीमारियों  के  शिकार  होते जा  रहे  है  अगर  लोगों  को  समय  रहते  स्वास्थ  शिक्षा के  बारे  में  जानकारी  दी जाए   तो लोग  बहुत  से  बीमारियों  से  बच  सकते  है  आज  हमारे  देश  में  सरकार  तथा  स्वास्थ  संगठनों  के  द्वारा  लोगो  में  स्वास्थ  से  सम्बंधित  जानकारी  दी  जा  रही  है  लेकिन  अभी  भी लोग  अपने  स्वास्थ  को  उतना  महत्ब  नहीं  दे  रहे  है


तो  दोस्तों  ADVANCE  PEOPLE  के  ब्लॉग  में  आपका  स्वागत  है  आज  मै  इस  लेख   के  माध्यम  से आपलोगों  को  स्वास्थ   शिक्षा  से  सम्बन्धित  अपनी  जानकारी  शेयर   करूँगा   इस  लेख  में  मै   आपको   बताऊंगा  की  स्वास्थ  शिक्षा  क्या  है   स्वास्थ  शिक्षा  क्यों  जरुरी  है  इसके  क्या  उद्देश्य  है  और स्वास्थ  शिक्षा  का  हमारे  जीवन  में  क्या  महत्ब  है

स्वास्थ  शिक्षा  को  समझने  से  पहले  आपको  यह  समझना  होगा  की   स्वास्थ   क्या  है  और  इसके कितने  प्रकार  है  तो  चलिए  हमलोग  पहले  जानते  है  की  स्वास्थ  किसे  कहते  है

स्वास्थ  क्या  है   WHAT  IS  HEALTH




जैसा  की  हमलोग  जानते  है  की   हमारा  शरीर  एक  मशीन  की तरह  है  जो  कई  अंगो  से  मिलकर  बना  है अगर  हमारे  शरीर  का  कोई  भी  अंग  ख़राब  हो  जाय  तो  हमारे  शरीर  में  बिकार  उत्पन  होने  लगते  है  और  लोग  कहते  है  की वह  अस्वस्थ  है  अतः शरीर   के  सभी   अंगो  को  अच्छी  तरह  से  काम  करना  ही   स्वास्थ  समझा  जाता  है



परन्तु  यह  स्वास्थ  की  उचित  परिभाषा   नहीं  कही  जा  सकती  है  इसमें  बयक्ति  के  केबल  शारीरिक  पहलू  को दर्शया  गया  है  जबकि  बयक्ति  के  अन्य  पहलू  मानसिक  सामाजिक  आदि  को  नहीं  दर्शया  गया  है


इस  प्रकार  लोगो  को   तभी  स्वास्थ  समझा  जाता है  जब  उसका  शरीर   मस्तिष्क  तथा आत्मा  सभी  प्रकार  से  स्वास्थ  हो   W.H.O  ने  स्वास्थ  को  न  केबल  किसी  बिकार  से मुक्ति  बल्कि  शारीरिक  मानसिक  तथा  सामाजिक  रूप  से  स्वस्थ  होने  का  गुण  माना  है



इस  प्रकार  हम  कह  सकते  है  की  स्वास्थ  जीवन  का  वह  गुण  है  जिसके  द्वारा हम अच्छा  जीवन  बयतीत  कर सके  तथा  दुसरो  को  सेवा  कर  सके




स्वास्थ  के  प्रकार





केबल  बयक्ति  को  रोगो से  मुक्त  होना  ही  स्वस्थ   नहीं  कहा  जा  सकता  है   स्वास्थ  के  कई  प्रकार  है




 1    शारीरिक  स्वास्थ

शारीरिक स्वास्थ  बयक्ति  के  शारीरिक  स्थिति  को   दर्शाता  है   अगर  कोई  बयक्ति शारीरिक  रूप  स्वस्थ  रहता  है  तो  उसके सभी  अंग  ठीक  ढंग  से  काम  करती  है   शारीरिक   स्वास्थ  का  मतलब  बयक्ति  के  उन  सभी  शारीरिक  क्षमता  से  है  बयक्ति  के  स्वास्थ  मापदण्डो  के  अनुरूप  हो  जैसे उसके  कार्य  करने  की क्षमता   शरीर  की  शक्ति  आदि





2       मानसिक  स्वास्थ





मानसिक  स्वास्थ  का  अर्थ  होता  है  बयक्ति  अपने  जीवन  में  दर्द  तनाब  उदासी  बिकट  प्रस्थिति  में भी  अपने  को  सही  ढंग  से  पेश  आना  यदि  कोई  बयक्ति  बिकट  परिस्थति  में  भी  उन  सभी  प्रकार  के तनाबो  को  सहन  कर  अपनी  भाबनाओ  को  अच्छे  दंग  से दूसरो  के  सामने पेश  करे  तो  उसे  हम  मानसिक  स्वस्थ  बयक्ति  कह  सकते  है






3      सामाजिक  स्वास्थ





मनुष्य  एक  सामाजिक  प्राणी  है  उसे  समाज  में  ही रहना  परता  है  सामाजिक स्वास्थ  का  अर्थ  होता  है  बयक्ति  को   अपने  समाज  के  लोगो  के  साथ  बायबहार   अगर कोई  बयक्ति  समाज  के  लोगो  के  साथ  अच्छे  ढंग  से पेश  आता  है  और  अपने  समाज  के प्रति  अच्छा  बायबहार  करता  है  तो समझा  जाता  है  की  वह  बयक्ति  एक सामाजिक  बयक्ति है

 स्वास्थ  शिक्षा  क्या  है  WHAT IS HEALTH EDUCATION












 यदि  बयक्ति  को   पहले  से  स्वास्थ  सुरक्षा  का  ज्ञान  हो  तो  बहुत  से  लोगो  को  होने  बाले  रोग  से  बचाया  जा  सकता  है   स्वास्थ  शिक्षा  बयक्ति  को  स्वस्थ  रहने  के  तरीके  के बारे  में  बताती  है  तथा  स्वास्थ  से   होने  बाले  हानि  के  बारे  में  भी  बताती  है



अतः स्वास्थ शिक्षा  वह  बिधि है  जो  स्वास्थ  से  सम्बंधित  ज्ञान  आदतों   तथा  जो स्वास्थ  बढ़ाने  में  सहयोग  दे  उसे  हम स्वास्थ  शिक्षा  कहते  है


W.H.O  ने    भी  स्वास्थ  शिक्षा  के  बारे  में  बताया  है  की  यह  वह  शिक्षा  है  जो  ज्ञान  भावना  तथा  बयक्तियों  के   बायबहार  को  परिबर्तित  कर  स्वास्थ  को  उतम  स्तर  ले  जा  सके



अतः  हम  कह  सकते   है  की  स्वास्थ  शिक्षा  बयक्ति  को  उसके  स्वास्थ  के  प्रति  जागरूक  करता  है  तथा  लोगो  को  होने  बाले  बीमारी  से   बचाता  है








  स्वास्थ  शिक्षा  क्यों  जरुरी  है





  आज  हमारे  देश  में  बहुत  से लोग  स्वस्थ  रहने  के  तरीके  और  साधन  के  बारे  में  नहीं  जानते  है  इसी  के  कारण  आज   बहुत  से   लोग  अपनी  स्वास्थ  समस्या  के  चलते  मर  जाते  है  इसलिए  स्वास्थ  शिक्षा के  बारे  में  ऐसे  लोगो  को  बताना  जरुरी  है ताकि  वे  अपने  आप  को  स्वस्थ  रख  सके






  • लोगों  को  तरह -तरह  के  रोगों  से  बचाब  के लिए  स्वास्थ  शिक्षा  जरुरी  है 
  • लोगो  के  अंधबिस्वास  को  दूर  करने  के  लिए 
  • लोगों  को बुरी  आदतों  जैसे  धूर्मपान  शराब  का  सेवन  आदि  से  होने  बाले  समस्या  से  बचाने  के  लिए  स्वास्थ  शिक्षा  जरुरी  है 
  • लोगो  को स्वस्थ  रहने के  तरीके  के  बारे  में  जानकारी  देने  के  लिए  स्वास्थ  शिक्षा  जरुरी  है 
  • लोगो  को  बयक्तिगत  तथा  सामाजिक  स्वास्थ समस्या  का  ज्ञान  कराना 






  स्वास्थ  शिक्षा  के  उद्देश्य





आज   बयक्ति  तथा   समाज  के  शारीरिक   मानसिक  तथा  सामाजिक  बिकास  को  प्राप्त  करने  के  लिए  स्वास्थ  शिक्षा  के  निम्न  उद्शेय  निर्धारित  किये   गए  है





 1     लोगो  को  सूचित  करना



लोगो  को  तरह  -तरह  के  बीमारियों  के  बारे  में  जागृत  करना  स्वास्थ  शिक्षा  का  उद्देश्य  है   आज  बहुत  से ऐसी  बीमारिया  है  जो  एक  बयक्ति  से  दूसरे  बयक्ति  में हो  रहा  है     पहले  लोग  अंधबिस्वास   के  चलते  इसे दैवीय  शक्ति  समझकर  संतोष  कर  लेते  थे   लेकिन  आज  अनुसन्धान  के  जरिये  उन  रोगो के  फैलाब  के  कारण   तथा  उनसे  बचने  के  उपाय  के  बारे  में  पता  चल  रहा  है  इस  अनुसन्धान  से प्राप्त  जानकारी  को  लोगो  तक  पहुँचाना  स्वास्थ  शिक्षा  का  उद्देश्य  है  ताकि  लोग  इसका  जयादा  फ़ायदा उठा  सके





2      लोगों  को  प्रेरित  करना




स्वास्थ  शिक्षा  का  उद्देश्य  है  लोगो  के  स्वभाब  में  रहन  सहन  के  ढंग  में   स्वस्थ शिक्षा  के आधार  पर परिबर्तन  लाना  आज  हमारे  समाज  में में  बहुत  से  ऐसे  लोग  है  जो  बुरे  लत  के  शिकार  हो  गए  है  जैसे  शराब  का  सेवन   धूर्मपान  करना  अदि  जिसके  कारण  उनका  शारीरिक  स्वास्थ  सही  नहीं  रहता  है  ऐसे  लोगों  को  स्वास्थ  शिक्षा  अधिकारिओं  द्वारा  इस  प्रकार  की  जानकारी  दिलानी चाहिए  जिससे  बयक्ति  के  बुरे  स्वभाब  में  परिबर्तन  आए




 3     लोगो  को  मार्गदर्शन   करना




 आज  हमारे  देश  में  सरकार  द्वारा   स्वास्थ  शिक्षा  के  ऊपर  कार्यकर्म  चलाये  जा  रहे  है   जिससे  लोगो  को  स्वास्थ  सम्बंधित   जानकारी  प्राप्त  हो   ऐसे  कार्यकर्म  के  जरिये  लोगो में  स्वास्थ  सेवाओं  से  लाभ  उठाने  के  लिए  उन्हें  मार्गदर्शन  तथा  प्रोत्साहन  करना  चाहिए   ताकि  लोग  ऐसे  कार्यक्रम  से  पूर्णरूप  से  लाभ  उठा  सके
                                                                                                                                

स्वास्थ  शिक्षा  का  महत्ब

स्वास्थ  शिक्षा  का  ज्ञान  लोगो  के  जीवन  में  बड़ा  महत्ब  रखता  है   आज  हमारे  देश  में  बहुत  से ऐसे  लोग  है  जिन्हे  स्वास्थ   के  बारे  में  जानकारी  नहीं  है  जिसके  कारन  वे  बिभिन्य  बीमारियों  के  शिकार  हो  रहे  है आज  स्वास्थ शिक्षा   बयक्ति  को  स्वास्थ  सम्बन्धी  समंस्यो  की  जानकारी  देकर  उसे  अच्छी  या  बुरी  आदतों  की  पहचान   कराती  है
इस प्रकार  स्वास्थ  शिक्षा  लोगो  को  स्वास्थ  सम्बन्धी  जानकारी  देकर  लोगो  को   अंधबिस्वास   से पर्दा  उठाती   है  लोगो  को  नीमहकीम  के  चुंगल  से  बचाती  है
स्वास्थ  शिक्षा  लोगो  को  इस  बात  का  बोध  करा  देती  है  की  स्वास्थ   बयक्ति  की  सबसे  मुलयबान  सम्पति  है  एक  स्वस्थ  बयक्ति  ही  स्वस्थ  समाज  तथा  स्वस्थ राषट का निर्माण  करता  है

 स्वास्थ  शिक्षा  का  सिद्धांत   

आज  स्वास्थ  शिक्षा  का एक  अलग  महत्ब  है  यह एक  बिसेष  शिक्षा  है  जहां  बयक्ति  को  स्वास्थ  संबंधी  शिक्षा   देने  का  प्रयास  किया  जाता  है  आज   चिकित्सा  बिज्ञान तरह -तरह  कार्यकर्मो  के द्वारा लोगो  को स्वास्थ  के प्रति  जागृत  किया जाता है
 बास्तब  में  शिक्षा  और  स्वास्थ  शिक्षा  का सिद्धांत  एक ही है  शिक्षा  भी लोगो को जागृत  करती  है और स्वास्थ  शिक्षा  भी  लोगों  को जागृत  करने  का  काम  करती  है   अतः  शिक्षा  का  सिद्धांत  स्वस्थ  शिक्षा का  सिद्धांत   बनाने  में सहायक   सिद्ध  हो  सकती   है  
  •  स्वास्थ  शिक्षा  को   केबल  बिषय  तक  ही   सिमित  नहीं  रखना   चाहिये  बल्कि  इसे  बयक्ति  के स्वास्थ  की  ओर  धयान  देना  चाहिए   ताकि  स्वास्थ   शिक्षा  अपना लक्ष्य  प्राप्त  कर सके   
  •  स्वास्थ  शिक्षा  को इस  तरह  प्रभाब  साली  बनाना  चाहिए  ताकि  लोग  स्वयं  इसमें  रूचि  पुर्बक  भाग  ले  सके 

  •  स्वास्थ  शिक्षा  को स्कूल  तथा  कॉलेजो   तक  ही  सिमित  नहीं  रखना  चाहिए  बल्कि  इसे  लोगो  के घर -घर  तक  पहुँचाना  चाहिए  ताकि  समाज  का हर  बयक्ति  इससे  लाभ  ले सके   

निष्कर्ष     CONCLUSION

दोस्तों   आज  इस  लेख  के  माध्यम  से  मै  आपलोगो  को  स्वास्थ  शिक्षा  क्या  है  और  उसका  क्या महत्ब  है  इस  बारे  में  आपलोग  को  बताया   अगर  इस लेख  में  कोई  बात  छूट  गई  है  तो  आप  हमे  जरूर  बताए  ताकि    हम  उसको  इसमें  शामिल  कर  इसको  अपडेट   करने  की  कोसिस  करेंगे   अगर  आपको  यह  लेख  अच्छा  लगे  तो  आप  इसे दुसरो  को  जरूर   बताये

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