शारीरिक शिक्षा एवं उसका लक्ष्य PHYSICAL EDUCATION AND AIM OF PHYSICAL EDUCATION

शारीरिक  शिक्षा  एवं  उसका  लक्ष्य   PHYSICAL EDUCATION AND AIM OF PHYSICAL EDUCATION

ADVANCE PEOPLE ब्लॉग  में  आपका  स्वागत  है  आज  मैं आपके लिए शारीरिक शिक्षा  से  संबंधित  अपना बिचार  रखने  जा रहा हूँ   आज  प्रत्येक  छात्र के जीवन में शारीरिक  शिक्षा का अपना अलग महत्ब है  क्यों की मानब  के जीवन में शारारिक गतिबिधि पहले आती है और भाषा ज्ञान बाद में शारारिक शिक्षा का मतलब होता है शारीरिक गतिबिधि के द्वारा दी जाने बाली शिक्षा  जैसे अगर कोई अबोध बालक अगर एक जलती हुई लालटेन को अगर छूने जाता है तो उसका हाथ जल जाता है तो वह समझ जाता है कि लालटेन गर्म है और वह दुवारा जलती हुई लालटेन के नजदीक नही जाता  है इस तरह शारीरिक गतिविधि के द्वारा यह सिख गया कि गर्म बस्तु को छूने से हाथ जल जाती है 

शारीरिक शिक्षा क्या है

शारीरिक शिक्षा शिक्षा का ही एक अंग माना गया है आज हर स्कूल और कॉलेज में शारीरिक शिक्षा एक subject है अलग अलग शिक्षा शास्त्री ने शारीरिक शिक्षा को अपने अपने ढंग से उसे बताने की चेस्टा की है  जैसे Rosalind classify  के अनुसार शारीरिक किर्यायों पर केंद्रित अनुभव द्वार जो परिबर्तन मानब में आते है वह शारीरिक शिक्षा कहलाते है  इस तरह यह हुआ कि बच्चे अपनी शारीरिक गतिविधि के द्वारा जो शिक्षा ग्रहण करते है उन्हें शारीरिक शिक्षा कहा जाता है इस  शिक्षा  के  अंतर्गत खेलकूद  बय्याम  योग  आदि  क्रियाए शामिल  है   यदि बच्चों को आगे बढ़ना है तो खेल कूद को भी स्थान देना होगा अब यह सबाल उठता है कि खेल क्यों जरुरी है क्या खेल मानब के लिए जरूरी है  इन सभी सबलो का जबाब जानने के लिए हमे शारीरिक शिक्षा का लक्ष्य और   महत्व को समझना होगा

शारीरिक शिक्षा का लक्ष्य

शारीरिक शिक्षा का लक्ष्य बच्चों के विकास को बढ़ना है जिससे वह अपनी  इच्छा को पूर्ति कर सके तथा वह अपने समाज की सेवा कर सके लक्षय को पूर्ती करने के लिए हमे शारीरिक शिक्षा के उद्देश्य को भी समझना होगा  शारीरिक शिक्षा का जो मेन लक्ष्य है

1  बच्चों का स्वास्थ्य मे सुधार करना

 2  बच्चों में चरित्र का निर्माण करना

3  देश का एक अच्छा नागरिक बनाना
 

    इस तरह हम कह सकते है कि शारीरिक शिक्षा बच्चों का सर्बगिन विकास करता है  और शारीरिक शिक्षा का लक्ष्य और उद्देश्य भी यही है की लोगो को खेल खेल के द्वारा शिक्षा देना

शारीरिक शिक्षा का महत्व

आज कल शारीरिक शिक्षा का महत्ब इतना बढ़ गया है लोग आज इसमे अपना  कैरिएर तलासने में लगें है आज इस खेल के माध्यम से लोग बहुत ही  ऊपर जा रहे है  आज सरकार खेल कूद को बहुत ही  प्रेरीत कर रही है  खेल कूद से बच्चे में अनुशासन की भावना विकसित होती है
अनुशासन की भाबना का विकास — खेल कूद करने से बच्चे में अनुशासन की भाबना का विकास होता है अगर कोई बच्चा खेलकूद करता है वह दूसरों का सम्मान  करना सीख जाता है

एकता का विकास  —-शारीरिक शिक्षा के  ज़रिए लोगो मे एकता का विकास  किया जा सकता है क्यों कि खेल कूद में बच्चे एकत्रित होकर खेलना सीखते है  जिससे  उनमे अन्दर एकता की भावना का विकास होता है

समाज का विकास——  एक स्वस्थ आदमी ही स्वस्थ समाज का निर्माण करता है  क्यो की खेल कूद करने से व्यक्ति की सवस्थ में सुधार होता है

                                           

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