डाइबिटीज़ कैसे कंट्रोल करें

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डाइबिटीज़  क्या  है   कैसे  कंट्रोल  करें

आज  के  इस  बयस्त  जीवन  शैली  में  लोग  अपने  खाने  पीने  के  गलत  आदतों  के  कारण   आज  लोग  बिभिन्य  बीमारियों  के  शिकार  होते  जा  रहे  है   इन्ही  बीमारियों  में  एक  है  डाइबिटीज़  जिसे  हम  मधुमेंह भी  कहते  हैं  आमतौर  पर   यह  बीमारी  लोगों  में  40  साल  के  उम्र  के  बाद  होती  थी  लेकीन  आज  गलत  जीबन  शैली  या  गलत  खान -पान  के  कारण  आज  यह  किसी  भी  उम्र  के  लोगों  को हो सकता  है

आज  यह  बीमारी  लोगों  में  बहुत  तेजी   से  फ़ैल  रहीं   है  और  इस  बीमारी  से  पीड़ित  लोगों  में  दिल  की  बीमारी  से  मौत  का  खतरा  बढ़  जाता  है  जो  की  एक   समस्या  का  कारण  हैं   अगर  लोग  अपने  जीवन   शैली  या  खान -पान  का  ख्याल  रखें  तो  इस  बीमारी  से  बच  सकता  है

तो  चलिए  आज  हम  जानते  है  की  डाइबिटीज़  को  हम  कैसे  कंट्रोल  कर  सकते  है

तो  दोस्तों  ADVANCE  PEOPLE  के  ब्लॉग  में  आपका  स्वागत  है  आज  मै  इस  लेख  में  डाइबिटीज़  यानी  मधुमेंह  को  कैसे  कंट्रोल  करें   इससे  सम्बंधित  जानकारी  लेकर   आया  हूँ   इससे  पहले  आपको  यह  समझना  होगा  की  डाइबिटीज़  यानी  मधुमेंह  क्या  हैं  यह  कैसे  होता  हैं  यह  कितने  प्रकार  का  होता  है  और  इस  बीमारी  के  क्या  लक्षण  है  और  इसे  कैसे  कंट्रोल  किया  जाता  है

तो  चलिए  जानते  है  की  डाइबिटीज़  यानी  मधुमेंह  क्या  है

मधुमेंह   क्या  है






 जब  हमारे  शरीर  के  पाचन  ग्रंथियों  से   इंसुलिन  ( एक  प्रकार  का  हॉर्मोन )  का   बनना  कम  हो   जाता  है  तो  हमलोगों  के  रक्त  में  ग्लूकोज़  का  स्तर  बढ़  जाता  है  इस  स्थिति  में  जो  हमे  बीमारी  उत्पन  होती  हैं  उसे  हम  डाइबिटीज़  या  मधुमेंह  कहते  हैं   इंसुलिन  का  काम  हमारे  शरीर  में  भोजन  को  एनर्जी  में  बदलने  का  है

डाइबिटीज   के   प्रकार



यह  बीमारी   मुख्य रुप  से   तीन  प्रकार  का  होता   है

1   टाइप 1 डाइबिटीज



टाइप 1  डाइबिटीज   में  हमारे  शरीर  की  कोशिकाएं  इंसुलिन   नहीं  बना  पाती  है  जब  यह  बीमारी  किसी  ब्यक्ति  को  हो जाता  है  तो  डॉक्टर्स  उस  ब्यक्ति  को  इंसुलिन  का  इंजेक्शन  देते  है   ताकी  ब्यक्ति  के  शरीर  में  इंसुलिन  की  मात्रा  बनी  रहे  यह  डाइबिटीज  बच्चों एवं  युवाओं   में  ज्यादा  होने  की  आसंका  होती है





2   टाइप 2 डाइबिटीज



टाइप 2  डाइबिटीज  में  ब्यक्ति  के  शरीर  में  इंसुलिन  की  मात्रा   कम  हो  जाती  है  या  फीर  हमारा  शरीर  उस  इंसुलिन  को  सही  तरीके  से  इस्तेमाल  नहीं  कर  पाता  है  यह  बीमारी  मध्यम  बर्ग  के  ब्यक्तियों  को  ज्यादा  होने  की आसंका  होती  है

3   गर्भाबधि  मधुमेह


यह  मधुमेह  गर्वबती  स्त्री  को  होता  है  जब  खू

न  में  शुगर  की  मात्रा  बढ़  जाती  है
 





डाइबिटीज  होने  के  कारण



आज  लोगों  के  असंतुलित  लाइफ  स्टाइल  के  कारण  यह  बीमारी  दिनों -दिन  फैलती  जा  रहीं  हैं   जो  की  एक  चिन्ता  का  कारण  है   अगर  हम  अपने  दिनचर्या  में  कुछ  सुधार  करे   तो   इस  बीमारी  को  रोक  सकते   है





तो   चलिए   जानते   है   की   इस  बीमारी  का  बढ़ने  का  क्या  कारण   हो   सकता  है




1   अनुवांशिक  कारण



डाइबिटीज   होने   का  एक  कारण   अनुवांशिक  भी  है   अगर  किसी  ब्यक्ति  के  परिवार  में  किसी  को   डायबिटीज   है  तो  उसके  संतानो  में   इस  बीमारी  के  बढ़ने  का  खतरा  बढ़  जाता  है






2   ज्यादा  मात्रा  में  मीठा  खाने  से


अगर  कोई   ब्यक्ति  अपने   भोजन  में   अधिक  मात्रा  में  मीठा   का  उपयोग  लगातार  करता  रहता  है   तो  उस  ब्यक्ति  में   डायबिटीज  होने  की   आसंका  बनी  रहती  ह



अतः  ज्यादा  मात्रा  में  मीठा  का  उपयोग  नही  करना चाहिए






3   सही  समय  पर  भोजन   नही  करने  से


अगर   कोई   ब्यक्ति  अपनी  ब्यस्त  लाइफ  स्टाइल  के  कारण  अपनी  भोजन  को  सही  समय  पे  ग्रहण  नही  करता  हैं   तो  उसे  भी   यह  बीमारी   होने  का  खतरा  बना  रहता  है






4.    भरपूर   नींद   नहीं  लेने  से



अच्छा  स्वास्थ्य के  लिए  भरपूर  नींद। लेना  जरूरी  है  अगर  हम  एक  अच्छी  नींद  नहीं  लेते  है  तो  हमारे  अन्दर  चिड़चिड़ापन। एवं  अनिद्रा  की  बीमारी  हो  जाती  है  पूरी  नींद  नहीं  लेने  से  भी  डाइबिटीज  होने  का  खतरा  बना  रहता  है







5   तनाब  ग्रस्त  रहने  से


आज  के  इस  ब्यस्त  जीवन  मे  लोग  काम  के  कारण  हमेशा  तनाब  ग्रस्त  रहते  है  और  तनाब  ग्रस्त  जीवन  मधुमेह  को  निमंत्रण  देता  है   अतः  ब्यक्ति  को  चिन्ता  आदि  नही  करना  चाहिए







6   कम  पानी  पीना


जैसा  हमलोग  जानते  है  की  पानी  हमारे  स्वास्थ्य  के  लिये  फायदेमंद  होता  है  यह  हमारे  शरीर  के  विषैले  पदार्थ  को  बाहर  निकालने  में  मदद  करता  है  अगर  किसी  ब्यक्ति  के  शरीर  मे  पानी  की  कमी  हो  जाती  है  तो  उसके  अंदर  यह  बीमारी  होने  का  खतरा  रहता  है





7  मोटापा

अगर  किसी  ब्यक्ति  का  बजन  ज्यादा  है  तो  उनके  अंदर  भी  यह  बीमारी  होने  का  खतरा  बना  रहता  है








मधुमेह  के  लक्षण




हर  बीमारी  के  कुछ  लक्षण  होते  है   उसी  तरह  डाइबिटीज  बीमारी  के  भी  कुछ  लक्षण  होते  है  जिसे  हर ब्यक्ति  को  जानना  बहुत  जरूरी  है  ताकी  समय  रहते  लोग  सचेत  हो  जाए  और  इस  बीमारी  को  हम  कंट्रोल कर  सके






तो  चलिए  हम  जानते  है  की  इस  बीमारी  के  क्या  लक्षण है





1  इस  बीमारी  में  ब्यक्ति  को  बार – बार  पेशाब  आता  है

2   इसमे  ब्यक्ति  को  शरीर  मे  थकान  और  कमजोरी  रहती  है

3   ब्यक्ति  को  किसी  तरह  का  चोट  लगने  पर  घाव  जल्दी  नही  भरता  है

4   इसमे  ब्यक्ति  को  बार-बार  पयास  लगती  है

5   इस  बीमारी  में  ब्यक्ति  को  बहुत  जोर  भूख  लगती  है

6   ब्यक्ति  के  ब्याबहार  में  चिड़चिड़ापन  होता  है

7   इसमे  आँखों  की  रोशनी  कम  हो  जाती  है

8  शरीर  मे  संक्रमण  होता है

9  इसमे  अचानक  बजन  बढ़  जाता  है  या  कम  हो  जाता     है

10  शरीर  के  जोड़ों  में  दर्द  बना  रहता  है





 डाइबिटीज  का  पता  कैसे  लगाए




अब  सबाल  आता  है  की  अगर  यह  बीमारी  किसी  ब्यक्ति  को  हो  जाए  तो  हम  उसका  पता  कैसे  करे  इस बीमारी  को  पता  करने  के  लिए  डॉक्टर्स  आपका  कुछ  जरूरी  खून  टेस्ट  करवाते हैं  जिससे  इस  बीमारी  का  पता लगाया  जा  सके
तो  चलिए  जानते  है  की  वो  कौन  सा  जाँच  है  जिसके  द्वारा  इस  बीमारी  का  पता  लगाया  जाता  है

1  ओरल  ग्लूकोज  टोलीरेन्स  टेस्ट    OGTT
यह   टेस्ट  ब्यक्ति  को   खाली  पेट  किया  जाता  है   इस  जाँच  से  पहले  ब्यक्ति  को  पहले  ग्लुकोज  युक्त  पेय  पदार्थ  पिलाया  जाता  है


2   रैंडम  ग्लूकोज  टोलीरेन्स  टेस्ट



यह  टेस्ट  भी  ब्यक्ति  को  खून  में  शुगर   का  स्तर   मापने  के  लिए  किया  जाता  है  लेकिन   इसमे  जाँच  से  पहले  खाने  पीने  से  जुड़ी  कोई  पाबंदी  नही  है  इसमें  आपने  क्या  खाया  क्या  नहीं  खाया  इससे  कोई  मतलब  नहीं  है


3    फास्टिंग  प्लाजमा  ग्लूकोज  टेस्ट





यह  जाँच  भी  खाली   पेट   होता   है  इस  जाँच  को  कराने  के   लिए  आपको   8 घण्टे  तक  भूखा  रहना  पड़ता  है  इस  जाँच  से  भी  पता  चलता  है  की  आपके   खून   मे  कितना  शुगर  है  
डाइबिटीज  में  क्या  खाएं  और  क्या  नहीं





ब्यक्ति  का  आहार  डाइबिटीज  को  कंट्रोल  करने  में   अहम भूमिका  निभाता  है  क्योंकि  खान  पान  से  ही  ब्यक्ति  के  खून  में   शुगर  लेवल  कंट्रोल  रहता  है  अतः  इस  बीमारी  में  क्या  खाना  चाहिए  क्या  नहीं  खाना  चाहिए  इसका  ध्यान  जरूर  रखना   चाहिए   तभी  आप  इस  बीमारी  से  बच  सकते  है
तो   चलिए  जानते  है  की  इस  बीमारी  में  क्या  खाना  चाहिए  और  क्या  नहीं  खाना  चाहिए  इसका

1  फल   FRUITS






 फल  खाना  हमारे  शरीर   के  लिए  लाभदायक  है  क्यों  की  फल  खाने  से  हमारी  रोग  प्रतिरोधक  क्षमता  का  बिकाश  होता   है  जिससे  हमारा  शरीर  स्वस्थ  रहता  है  अगर आप  मधुमेह  की  बीमारी  से  पीड़ित  है  तो  फल  खाना  आपके  लिए  बहुत  ही  लाभदायक  है   क्योंकि  फल  खाने  से  आपके  शरीर  में  प्रोटीन  की  कमी  नही  होगी  मधुमेह  की  बीमारी  में  आप  केला  संतरा  सेब  कीवी  आदि  फलो  का  सेवन  कर  सकते है


2   सब्जी  vegetable




हरी सब्जियों का  सेवन करने से  आप  मधुमेह की  आसंका को  कम। कर  सकते  है  हरी  सब्जियां  खाने  से  आप  अपने  शरीर  मे  शुगर  की  मात्रा। को  कंट्रोल  कर  सकते  है  अगर  आप  मधुमेह  से  पीड़ित  है  तो  पालक  मटर  बैगन  बिन्स  आदि  का  सेवन  कर  सकते  है सब्जियां  से हमे  प्रोटीन  मिनरल्स  बिटामिन  प्रचुर  मात्रा  में  मिलती  है
3   डेयरी  प्रोडक्ट





अगर  आप  मधुमेह  से ग्रसित  है  तो  आप  कम  फैट  बाला  दूध  पनीर  आदि  का  सेबन  सीमित  मात्रा  में  करे  अगर  आप  दही  खाते  है  तो  आपके  लिए  यह  बहुत  फायदेमंद  साबित  होगा
क्या  नही  खाएं
मीठा  पदार्थ


अगर  आप  मधुमेह  से  पीड़ित है  तो  आपको  मीठा  पदार्थ  से बिलकुल  दूर  रहना  चाहिए  क्योंकि  मीठा  खाने  से  आपका शुगर  लेवल  बढ़  सकता  है

तैलीय  खाद्य पदार्थ




मधुमेह  में  तैलीय  खाद्य पदार्थ का सेवन आपके शरीर  को  नुकसान  पहुंचा  सकता  है  अतः  आप  तैलीय  चीजों  का  सेवन  कम  ही  करे  तो  बेहतर  होगा

माँसाहारी  खाना




अगर  आप  मधुमेह  से पीड़ित  है  तो  माँसाहारी  खाना  से परहेज  ही  करे  तो  आपके  लिए  बेहतर  होगा

चावल




मधुमेह  की। बीमारी  में  आप  अपने  खाने  में।  चावल  का  उपयोग  कम  ही  करे  तो  बेहतर होगा  क्योंकि  चावल  खाने  से  आपके  रक्त  में  शुगर  की  मात्रा  बढ़  सकती है

नोट —     मीठा  कोल्डड्रिंक्स  पिज्जा  पूर्णतः  बर्जित
डाइबिटीज  को कंट्रोल  कैसे  करे




लोगों  के  गलत  दिनचर्या  के  कारण  आज  डाइबिटीज  की  बीमारी  बहुत  ही  तेजी  से  लोगों  के  बीच  फैल  रही  है  एक  अनुमान  के  मुताबिक  हर  दस  में  से  एक  ब्यक्ति  डाइबिटीज  की  बीमारी  से  पीड़ित  है  अगर समय  रहते  हम  इसे  कंट्रोल  नही किए  तो  इससे  ब्यक्ति  की लोगों  के  गलत  दिनचर्या  के  कारण  आज  डाइबिटीज  की  बीमारी  बहुत  ही  तेजी  से  लोगों  के  बीच  फैल  रही  है  एक  अनुमान  के  मुताबिक  हर  दस  में  से  एक  ब्यक्ति  डाइबिटीज  की  बीमारी  से  पीड़ित  है  अगर समय  रहते  हम  इसे  कंट्रोल  नही किए  तो  इससे    जान  भी  जा  सकती  है




तो  चलिए  जानते  है  कि  डाइबिटीज  को  कैसे  कंट्रोल  करें

1  अपना  जीवनशैली  में  सुधार  कर




गलत  जीवनशैली  के  कारण  आज  बहुत। से। लोग  मधुमेह  की  बिमारी  से। पीड़ित  हो  रहे  है  अगर  हमें  मधुमेह  की  बीमारी  से  बचना  है  तो  हमे  अपने  जीवन  शैली  में  बदलाब  करना  होगा  तभी  हम  एक  स्वस्थ  जीवन  जी  सकते  है  ब्यक्ति  की  एक  छोटी  सी  सुरुआत  उसको  बिभिन्न   बीमारियों  से  बचा  सकता  है
2    शारीरिक   श्रम  जरूर  करे



अगर  आप  स्वस्थ  रहना  चाहते  है   तो  आपको   प्रत्येक  दिन  कुछ  न कुछ  शारीरिक  मेहनत  करना  चाहिए   शारीरिक  श्रम  के  अन्तर्गत  ब्यायम  खेलकूद  टहलना या  वैसी  चीजें  जिससे  आपका  शारीरिक  थकान  हो  शारीरिक  श्रम  करने  से  आप  मानसिक  रूप  से  अपने  आप  को  स्वस्थ  रख  सकते  है  तथा  शारीरिक  श्रम  करने  से  आपके अन्दर  एक  नई  उर्जाबन  शक्ति  का  विकास  होगा
3    तनाब  से  दूर  रहे





तनाब   मधुमेह  को  निमंत्रण  देती  है   अगर  आप  मधुमेह  की  बीमारी  से  बचना  चाहते  है  तो  तनाब  से  बचना  होगा  तनाब  से  बचने  के  लिए  आप  ब्यायम  योगा  आदि  क्रियाएं  कर  सकते  है

4    मीठा  चीज   से  परहेज  करें



ज्यादा  मात्रा  में  मीठा  खाने से  हमे  बचना  चाहिए  क्योंकि  मीठा  खाने  से  हमारे  रक्त  में  शुगर  की  मात्रा  बढ़  जाती  है  अतः मीठा  से  हमे  परहेज़  करना  चाहिए
5   नशा  से  दूर  रहे



जैसा  हमलोग  जानते  है  की  कोई    भी  नशा  हमारे   स्वास्थ  को  प्रभावित  करता  है  नशा  करने   से   मधुमेह  होने  का  खतरा  बढ़  जाता  है   अगर  आपको  इस  बीमारी   को  दूर  करना  है  तो  नशा  से  परहेज  करें
6   प्रयाप्त   नींद  ले 



कम  नींद   भी   हमारे   स्वास्थ्य  को   प्रभावित  करता  है  जो  ब्यक्ति  प्रयाप्त  मात्रा  में  नींद  नही  लेता  है  तो उसके  अन्दर   बहुत  से  बीमारियों  का  खतरा  बना  रहता  है

अतः  ब्यक्ति  को  कम  से  कम  6से 7 घण्टे  की  नींद  लेना  चाहिए  प्रयाप्त  नींद  हमारे  शरीर  मे  एक  नई  ऊर्जा  संचार  करता है
7  खाना  पान  संतुलित  रखे 




मधुमेह  की  बीमारी  में  आपको  खानपान  पे  बिसेष  धयान  देना  होगा  गलत  खान  पान  से  ही  यह  बीमारी  बढ़ता   है  अतः  आप  जो  भी  खाये  सही  समय  पे  खाये  और  संतुलित  भोजन  खाये

निष्कर्ष  CONCLUSION
दोस्तों  इस  लेख में  मै  डाइबिटीज़  क्या  है  और  इसे  कैसे  कंट्रोल  किया  जाता  है  बताने  की  कोशिस  की  है  अगर  इस  लेख  में  हमसे  कोई  ऐसी  बात  छूट  गई  हो  तो  आप  हमें  बताने  का  क़ोसिस  जरूर  करे  ताकि  हम  इस  लेख  में  सुधार  कर  सके  और  अगर  यह  लेख  अच्छा  लगे  तो  आप  अपने  मित्रो  एवं  रिस्तेदारो  को  जरूर  शेयर  करे 

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